(गीता परिवार की चार स्तरीय नि:शुल्क यात्रा)
हम सब जीवन में कभी न कभी यह प्रश्न करते हैं—मैं कौन हूँ? मेरे जीवन की दिशा क्या है?
इन्हीं प्रश्नों का उत्तर हमें भीतर से पुकारता है और हमारी यह खोज हमें लेकर जाती है, श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य श्लोकों की ओर, जहाँ हर शब्द आत्मा की गहराई तक उतरकर अज्ञान का अंधकार मिटा देते हैं और चेतना को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित कर देते हैं।
इसी ज्ञान के दिव्य प्रकाश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु गीता परिवार ने एक सरल, प्रेरणादायी और पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण यात्रा तैयार की है। यह यात्रा आपको शुद्ध उच्चारण का अभ्यास, आत्मविश्वास की शक्ति और जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा से परिपूर्ण कर देती है।
गीता पठन को सरल बनाने हेतु गीता परिवार द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चार स्तरों में विभाजित किया गया है। सोमवार से शुक्रवार तक सप्ताह के 5 दिन सभी कक्षाएं, 40 मिनट की ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाती है। इस Learn Geeta उपक्रम के माध्यम से हम घर बैठे, अपने अनुकूल समय और अपनी भाषा अनुसार श्लोकों का अध्ययन कर सकते हैं। तथा ऑनलाइन गीता कक्षा के नियमित अभ्यास द्वारा सुनकर एवं पढ़कर गीता जी के श्लोकों के शुद्ध उच्चारण सीख सकते हैं। सबसे उत्तम एवं आकर्षक बात यह है की वर्तमान समय में विश्व की यह सबसे बड़ी ऑनलाइन कक्षा है जिसमें प्रतिदिन 3000+ कक्षाएं संचालित की जाती है और वह भी पूर्णतः निशुल्क।
गीता सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, जीवन-शिल्प की अमूल्य शिक्षा है। गीता परिवार परीक्षा विभाग का लक्ष्य इस शाश्वत ज्ञान को कंठस्थीकरण के माध्यम से प्रत्येक हृदय में अवतरित करना है। कंठस्थीकरण कक्षाएं श्लोकों के मात्र अनुशीलन से अधिक हैं; ये उच्चारण, भाव और अर्थ को मन-मस्तिष्क में स्थायी रूप से उतारने का सशक्त आधार हैं। परीक्षाएँ न केवल स्मरण-शक्ति की कसौटी हैं, बल्कि अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास का भी पाठ पढ़ाती हैं।
Learn Geeta के परीक्षा विभाग के मंच से हम प्रतिभागियों को गीता के शब्दों को आत्मसात कर जीवन में उतारने के लिए आमंत्रित करते हैं। जब ये श्लोक हमारे भीतर जगह बना लेते हैं, तो वे कठिन समय में स्थिर प्रकाश-स्तंभ बन कर राह दिखाते हैं।
Learn Geeta कक्षाओं की संरचना
🔹 प्रथम स्तर (30 दिन)
- अध्याय 12 & 15
- परीक्षा : दोनों अध्यायों के पठन के बाद वैकल्पिक परीक्षा खुली किताब से सस्वर पाठ करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग द्वारा दी जा सकती है।
- “गीता गुंजन” प्रशस्तिपत्र
🔹 द्वितीय स्तर (40 दिन)
• अध्याय 9, 14, 16, 17
• परीक्षा : “गीता जिज्ञासु” प्रशस्तिपत्र (कुल 3 अध्याय) एवं • “गीता पाठक” प्रशस्तिपत्र (कुल 6 अध्याय)
🔹 तृतीय स्तर (90 दिन)
- अध्याय 1, 3, 4, 5, 6, 7
- परीक्षा : “गीता पथिक” प्रशस्तिपत्र (कुल 12 अध्याय)
🔹 चतुर्थ स्तर (120 दिन)
- अध्याय 2, 8, 10, 11, 13, 18
- सभी 18 अध्यायों को कंठस्थ कर ऑनलाइन परीक्षा दी जाती है। परीक्षा उत्तीर्ण होने पर पदक और “गीता व्रती” प्रशस्तिपत्र से सम्मानित किया जाता है।
गीता व्रती परीक्षा के पश्चात गीता विचक्षण के चार स्तर
- गीता विचक्षण श्लोकांक (verse numbering)
- गीता विचक्षण श्लोकांक (Reverse Order)
- गीता विचक्षण श्लोकार्थ (verse numbering)
- गीता विचक्षण Charan-wise Recitation
गीता गुंजन को छोड़कर अन्य सभी प्रशस्तिपत्र डाक द्वारा मँगवाए जा सकते हैं। यह “गीता की चारधाम यात्रा” सभी के लिए मंगलमय हो!
बडे गर्व की बात है की जून 2020 से जून 2025 तक 35,528 जिज्ञासू, 11,407पाठक,3,340 पथिक व 2,235 व्रती गौरांवित किये गये है।
